बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोधार्थी ने प्रेसवार्ता में लगाएं आरोप, पर्यवेक्षक ने किया इंकार ।

लखनऊ : सूत्रों के अनुसार, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के शोध छात्र संजय उपाध्याय ने शोध पर्यवेक्षक पर गंभीर आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार को गांधी प्रतिमा हजरतगंज के पास प्रेसवार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि डॉ. मलैया पीएचडी पूरी न करने देने की बार-बार धमकी देते थे। वह भेदभाव करते और उसे अपने सामने कुर्सी पर बैठने तक नहीं देते थे। इसकी शिकायत की तो विभागाध्यक्ष प्रो.एमएनपी वर्मा ने कमेटी बनाकर जांच कराई। इसमें शिकायत सही पाई गई। कुलपति प्रो.आरसी सोबती के निर्देश पर थीसिस जमा की गई। लेकिन उस पर फिर अड़ंगा लगा दिया गया। लिखित प्रत्यावेदन के बाद गाइड नहीं बदला गया। संजय ने यह भी आरोप लगाया है कि कई बार डॉ. मलैया उसे पेपर बनवाते और अपने नाम से छपवाते हैं। मांग की, कि विश्वविद्यालय से निलंबन वापस लेकर शोध पर्यवेक्षक बदला जाएगा। उधर, डॉ.मलैया ने सभी आरोपों से इनकार किया है। कहा, मैं आज भी संजय को पीएचडी करने के लिए तैयार हूं पहले भी इसके प्रयास किए हैं। किसी छात्र का कैरियर खराब नहीं होना चाहिए। उन्हें आरोप लगाने या किसी के झांसे में नहीं आना चाहिए। शोध पिटाई करने या गुंडागर्दी से नहीं पढ़ाई करने से मिलेगी। संजय विभाग आकर अपनी पीएचडी पूरी करें। इसके लिए कुलपति विभाग अध्यक्ष से अनुरोध करें ।

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